डीटीसी ड्राइवरों की हड़ताल पर एस्मा का शिकंजा, बसों का संचालन सुचारू | delhi news
राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए डीटीसी और क्लस्टर बस सेवाओं पर छह महीने के लिए एस्मा लागू कर दिया है। इस सख्ती के बाद बीते कुछ दिनों से जारी चालकों का आंदोलन अब धीमा पड़ने लगा है, जिससे सड़कों पर बसों की आवाजाही में सुधार दर्ज किया गया है। सार्वजनिक परिवहन बाधित होने से आम जनता को हो रही भारी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
एस्मा लागू होने के बाद यह आदेश केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संविदा, आउटसोर्स और निजी कंसेशनायर के तहत काम करने वाले सभी चालकों और परिचालकों पर भी समान रूप से प्रभावी होगा। इस सख्ती के चलते हड़ताल की रफ्तार धीमी हुई है और डिपो से बसों का संचालन फिर से शुरू हो गया है, जिससे दफ्तर जाने वाले और अन्य यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिल रही है।
हड़ताल कर रहे चालकों और संघ का मुख्य विरोध वेतन विसंगति और सुविधाओं के अभाव को लेकर है। चालकों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में न्यूनतम वेतन के रूप में बेहद कम राशि मिलती है, जबकि उनकी मांग है कि वेतन बढ़ाकर उचित दैनिक दर तय की जाए। इसके अलावा, कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं और जीवन बीमा जैसी बुनियादी सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं ताकि जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले चालकों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह विवाद अभी पूरी तरह थमा नहीं है, हालांकि प्रशासनिक सख्ती ने तत्काल प्रभाव से यात्रियों की दुश्वारियों को कम कर दिया है। सरकार और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच इस गतिरोध का स्थायी समाधान निकालने को लेकर बातचीत जारी है, ताकि भविष्य में इस तरह की हड़तालों से सार्वजनिक परिवहन तंत्र प्रभावित न हो।
