कानपुर में दवा कारोबारी हत्याकांड का खुलासा, बेटा ही निकला पिता का कातिल | kanpur news
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुए बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की गुत्थी सुलझने के बाद एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में मृतक की बहू शालू मिनोचा को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अब पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए उसे पूरी तरह बेकसूर बताया है। इस मामले में असली कातिल कोई और नहीं बल्कि खुद मृतक का बेटा सुब्रत मिनोचा निकला है। (kanpur news)
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सुब्रत मिनोचा ने अपने पिता की संपत्ति और अन्य विवादों के चलते उनकी हत्या की खौफनाक साजिश रची थी। इस साजिश को अमली जामा पहनाने के लिए उसने अपने पुराने नौकरों की मदद ली थी। शुरुआती दौर में पुलिस ने बिना ठोस सबूतों के जल्दबाजी में बहू को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके चलते एक बेगुनाह महिला को 16 दिनों तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा। इस घटना से समाज में पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं कि कैसे बिना पुख्ता तहकीकात के किसी को भी मुजरिम मान लिया जाता है।
अधिकारियों द्वारा सच्चाई सामने आने के बाद अब मुख्य साजिशकर्ता बेटे सुब्रत और उसके सहयोगियों को पुलिस कस्टडी में ले लिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि किस तरह आपसी रिश्तों और लालच के चलते अपनों ने ही अपनों की जान ले ली। इस घटना का आम जनता पर भी गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा है, जहां परिवार के भीतर सुरक्षा और भरोसे की भावना को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब इस पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।
