दिल्ली के मतदाताओं के लिए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का सुनहरा मौका, इस दिन लगेंगे विशेष शिविर | delhi news
दिल्ली में आगामी चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नोटिस मिलने का अर्थ यह कतई नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटा दिया गया है। तार्किक विसंगतियों और पुराने रिकॉर्ड से मैपिंग न होने के कारण यह प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे नागरिकों को अपने दस्तावेज दुरुस्त करने का उचित अवसर मिल सके [delhi news]।
जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष शिविरों के आयोजन का निर्णय लिया है। आगामी 27 सितंबर को राजधानी के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष शिविर लगेंगे, जहां नागरिक अपने नोटिस का निस्तारण करवा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, बेघर नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स और सेक्स वर्कर्स के लिए 23 और 24 सितंबर को विशेष नाइट शेल्टर कैंप लगाए जाएंगे, ताकि समाज के हर वर्ग को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का पूरा मौका मिल सके।
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक किसी भी नागरिक का नाम बिना सुनवाई का अवसर दिए सूची से नहीं हटाया जा सकता। जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट हस्तियों के ठिकानों को लेकर उठे सवालों पर भी आयोग ने स्थिति साफ की है कि मौजूदा नियमों के तहत जनप्रतिनिधियों के मूल निवास का अधिकार सुरक्षित रहता है। नागरिक 29 अक्तूबर तक अपने दस्तावेज संबंधित अधिकारियों के पास जमा करा सकते हैं, और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 नवंबर को किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से नागरिकों को अपने मताधिकार को सुरक्षित रखने का बड़ा अवसर मिला है।
