संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के झूठे दावों का दिया करारा जवाब | international news
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा भारत के खिलाफ दिए गए बयानों का भारत ने कड़ाई से जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के पाखंड को दुनिया के सामने उजागर किया। भारत ने साफ कहा कि आतंकवाद को पालने-पोसने वाले देश को लोकतांत्रिक मूल्यों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि जिस समय दुनिया 9/11 आतंकी हमलों की बरसी मना रही है, उस दर्दनाक सच्चाई को नहीं भुलाया जा सकता कि हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सैन्य अकादमी के पास ही सुरक्षित पनाहगाह में रह रहा था। पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘फॉर्म 47 सरकार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा शासन है जो सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए चलाया जा रहा है, जहां कठपुतली नेता केवल मुखौटा हैं और वास्तविक नियंत्रण सेना के हाथ में है [international news]।
इसके साथ ही, भारत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति और ईशनिंदा कानूनों की आड़ में हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी का करारा जवाब देते हुए भारत ने दो टूक कहा कि यह देश का अभिन्न अंग है और रहेगा। इसके विपरीत, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले हिस्से में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है और जनता बुनियादी अधिकारों से वंचित है। इस कड़े रुख से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के प्रोपोगंडा की हवा निकल गई है।
