मध्य प्रदेश में पटवारी ने हड़पे 51 पट्टे और सार्वजनिक बावड़ी, कलेक्टर ने किया निलंबित | mp crime news
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण आबादी को निशुल्क भू-अधिकार देने वाली महत्वाकांक्षी योजना को एक सरकारी कर्मचारी ने ही पलीता लगा दिया [mp crime news]। कोलगांव में ‘स्वामित्व योजना’ के तहत गरीबों को जमीन का मालिकाना हक मिलना था, लेकिन तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़ा फर्जीवाड़ा कर डाला।
योजना के क्रियान्वयन के दौरान पटवारी ने मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर किया और कुल 51 आवासीय पट्टे अपने तथा अपनी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम दर्ज करवा लिए। इस भ्रष्टाचार की हद तब पार हो गई जब ग्रामीणों की निजी संपत्तियों के साथ-साथ गांव की ऐतिहासिक सार्वजनिक बावड़ी और बस स्टैंड पर बना आरसीसी चबूतरा भी पटवारी के नाम पर चढ़ाया हुआ पाया गया। इस प्रकार के प्रशासनिक भ्रष्टाचार से आम जनता का व्यवस्था से भरोसा उठता है और जरूरतमंद लोग अपने वाजिब हक से वंचित रह जाते हैं।
जब स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों ने इस गड़बड़ी का विरोध किया और दस्तावेज जुटाकर उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई, तो प्रशासन हरकत में आया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने इस पूरे घोटाले के सुबूत कलेक्टर के सामने रखे। मामले की गंभीरता को भांपते हुए खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने तुरंत प्रभाव से आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित कर दिया। साथ ही, कोलगांव के सभी 935 खसरों की नए सिरे से मैदानी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
