उत्तर प्रदेश विधान परिषद में मोहम्मद जासमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष बनाकर अखिलेश यादव ने चला बड़ा दांव | up politics news
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच समाजवादी पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान परिषद में बड़ा फेरबदल करते हुए लाल बिहारी यादव की जगह वरिष्ठ नेता मोहम्मद जासमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है [up politics news]। इस निर्णय को राजनीतिक गलियारों में मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में बनाए रखने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान अपनाए गए पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले से पार्टी को भले ही लाभ मिला हो, लेकिन इससे पारंपरिक मुस्लिम-यादव समीकरण प्रभावित हुआ था। विपक्षी दलों की ओर से लगातार यह माहौल बनाया जा रहा था कि सपा अपने अल्पसंख्यक वोटबैंक के प्रति मुखर नहीं रही है। ओवैसी और मायावती जैसे क्षत्रिय नेताओं के लगातार हमलों के बाद अखिलेश पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया था, जिससे निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सीतापुर के लहरपुर से दो बार विधायक रह चुके जासमीर अंसारी की इस क्षेत्र और आसपास के जिलों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा उन्हें आजम खान का करीबी भी माना जाता है। इस नियुक्ति के जरिए पार्टी ने संदेश देने का प्रयास किया है कि संगठन में अल्पसंख्यकों का सम्मान और प्रतिनिधित्व पहले की तरह बरकरार है। जनता के बीच इस राजनीतिक बदलाव का सीधा असर आगामी चुनावों के समीकरणों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
