मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 में बदलाव पर चुनाव आयोग में विवाद और राजनीतिक घमासान | india politics news
नए मतदाताओं के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में किए गए बदलावों ने देश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग के भीतर से ही उठे असहमति के सुरों के बाद अब यह मामला कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर गरमा गया है। (india politics news)
आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों ने फॉर्म 6 में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़ा एक नया घोषणा खंड जोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि फॉर्म 6 एक वैधानिक फॉर्म है, जो नियमों के तहत तय किया गया है और इसमें कोई भी बदलाव करने के लिए कानून मंत्रालय की अधिसूचना और औपचारिक संशोधन की आवश्यकता होती है। आयोग अपने स्तर पर केवल एक आदेश जारी करके इसे बदल नहीं सकता है। इस तरह के बदलावों से पहली बार वोट देने वाले नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है।
इस अंदरूनी कल के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने आंतरिक मतभेदों की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि आयोग एक बहु-सदस्यीय संस्था है जहाँ वैचारिक असहमति और सुझाव आना एक सामान्य प्रक्रिया है।
