गणेश विसर्जन पर क्या रहेगा पंचक का प्रभाव, जानें सही तारीख और मुहूर्त | religious news
दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन अब बेहद करीब है और भक्त अपने आराध्य विघ्नहर्ता को विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं। इस साल अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर 2026 के दिन गणेश विसर्जन किया जाएगा (religious news)। हालांकि, इसको लेकर एक बड़ी चर्चा यह है कि इस बार विसर्जन के दौरान पंचक काल का साया रहेगा, जिससे आम जनमानस में कुछ संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
पंचांग के अनुसार, पंचक की शुरुआत 23 सितंबर 2026 की रात को हो रही है और इसका समापन 28 सितंबर को होगा। इस पांच दिवसीय अवधि को ज्योतिष शास्त्र में कुछ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है, विशेषकर निर्माण कार्य और दाह संस्कार जैसे मामलों में। लेकिन धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि गणेश विसर्जन जैसे सार्वभौमिक और सनातन अनुष्ठान अपनी निर्धारित तिथि पर ही करने का विधान है। इन पर पंचक का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है, और विधि-विधान से की गई विदाई हमेशा मंगलकारी होती है [religious news]।
अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदा करते समय शुभ चौघड़िया मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि राहुकाल से बचा जा सके। विसर्जन से पहले षोडशोपचार विधि से पूजा करें, मोदक और दूर्वा अर्पित कर पिछले दस दिनों की आराधना के लिए आभार व्यक्त करें। अंत में परिवार के साथ मिलकर क्षमा प्रार्थना करें और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली प्रतिमा का ही विसर्जन करें। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकजुटता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।
