सोमालिया तट पर बंधक बनाया गया टैंकर मुक्त, यूरोपीय संघ ने 24 लोगों को बचाया
यूरोपीय संघ के समुद्री डकैती रोधी बल ने शुक्रवार को सोमालिया तट के पास समुद्री लुटेरों द्वारा एक दिन पहले कब्जा किए गए माल्टा के झंडे वाले व्यापारी टैंकर ‘हेलास एफ्रोडाइट’ को सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया। इस ऑपरेशन के दौरान जहाज पर सवार सभी 24 लोगों का दल सुरक्षित पाया गया। किसी भी सदस्य के घायल होने की कोई सूचना नहीं है, जिससे यह अभियान एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
‘हेलास एफ्रोडाइट’ टैंकर, जो भारत से दक्षिण अफ्रीका के लिए गैसोलीन ले जा रहा था, उस पर गुरुवार को सोमालिया तट के करीब समुद्री डाकुओं ने हमला किया था। हमले के दौरान चालक दल ने सूझबूझ दिखाते हुए जहाज के एक सुरक्षित कक्ष (सेफ रूम) में शरण ली थी। यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन ‘ऑपरेशन अटलांटा’ ने तुरंत हरकत में आते हुए टैंकर की सुरक्षा के लिए एक युद्धपोत भेजा, जिसने शुक्रवार को समुद्री लुटेरों को खदेड़कर जहाज को मुक्त कराया।
इसी बीच, सोमालिया तट पर समुद्री डाकुओं की गतिविधियाँ लगातार जारी हैं। शुक्रवार को ही समुद्री डाकुओं ने एक और टैंकर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन इस बार उन्हें सफलता नहीं मिली। तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ले जा रहा मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाला टैंकर ‘अल थुमामा’ समुद्री डाकुओं के चंगुल से सफलतापूर्वक बच निकला। डाकुओं ने स्पीडबोट से उसका पीछा किया, लेकिन जहाज ने अपनी गति बढ़ाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया।
‘अल थुमामा’ टैंकर कतर के रास लाफन से केप ऑफ गुड होप होते हुए पोलैंड जा रहा था। यह एक हफ्ते के भीतर समुद्री डाकुओं द्वारा किया गया दूसरा हमला था, जिसने क्षेत्र में समुद्री डकैती के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। हाल के महीनों में सोमालियाई समुद्री डाकुओं द्वारा कई जहाजों पर हमले और अपहरण की खबरें आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग पर चिंताएं बढ़ गई हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब विभिन्न देशों की नौसेनाएं, विशेषकर भारतीय नौसेना, इस क्षेत्र में समुद्री डकैती के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रही हैं। हाल ही में भारतीय नौसेना ने अपहृत जहाजों से कई विदेशी नागरिकों को बचाया है और सोमालियाई समुद्री लुटेरों को गिरफ्तार कर भारतीय अधिकारियों को सौंपा है, जो इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को दर्शाता है।
