भगवान विष्णु के कल्कि अवतार से जुड़ी पौराणिक कथा और मान्यताएं | national religion news
हिंदू सनातन परंपरा में महाप्रलय और युग परिवर्तन को लेकर कई भविष्यवाणियां दर्ज हैं, जिनमें भगवान विष्णु के अंतिम अवतार की विशेष चर्चा मिलती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब-जब संसार में अन्याय, पाप और अधर्म का अंधकार गहराता है, तब-तब ईश्वर किसी न किसी रूप में धरा पर अवतरित होते हैं। इसी क्रम में कलयुग के अंतिम चरण के लिए कल्कि अवतार की परिकल्पना की गई है (national religion news)।
शंभल ग्राम में होगा प्राकट्य
पौराणिक कथाओं और श्रीमद्भागवत महापुराण के विवरण के अनुसार, भगवान कल्कि का जन्म संभल या शंभल नामक स्थान पर होगा। उनके पिता का नाम विष्णुयश और माता का नाम सुमति बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, वे एक दिव्य योद्धा के रूप में सफेद घोड़े पर सवार होकर प्रकट होंगे और उनके हाथ में एक चमचमाती तलवार होगी, जिससे वे अधर्म का नाश करेंगे।
युग परिवर्तन का प्रतीक
इस धार्मिक मान्यता का उद्देश्य समाज में यह विश्वास बनाए रखना है कि सत्य और धर्म की कभी हार नहीं होती। वर्तमान समय में इस भविष्य की घटना की कोई निश्चित तिथि या काल तय नहीं किया गया है, क्योंकि हिंदू काल गणना के अनुसार कलयुग की आयु अभी लंबी है। इस प्रसंग के माध्यम से लोगों को नैतिकता और सत्कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
