पूर्व RAW चीफ का नाम लेकर करोड़ों की ठगी, युवराज हत्याकांड में बड़ा खुलासा | national crime news
अडानी रियल्टी के मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस के हाथ एक बेहद अहम दस्तावेज लगा है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अन्या वत्स और संयम सचदेव ने केंद्रीय एजेंसियों के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। आरोपियों ने खुद को गृह मंत्रालय, एनआईए, ईडी और रॉ जैसे बड़े महकमों के अधिकारियों के करीब बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाया [national crime news]।
सामने आई एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने पूर्व रॉ चीफ को अपना रिश्तेदार बताकर और वरिष्ठ अधिकारियों का धौंस दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये ऐंठे। फर्जी वॉट्सएप नोटिस भेजकर ईडी की जांच का डर दिखाया गया और पेनल्टी तथा सेटलमेंट के नाम पर बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर कराई गई। इस ठगी के खुलासे से आम जनमानस में यह चिंता बढ़ गई है कि कैसे जालसाज प्रशासनिक पदों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
घटनाक्रम के मुताबिक, युवराज सिंह मनचंदा पिछले महीने गुरुग्राम में एक मीटिंग के सिलसिले में गए थे, जहां उनकी मुलाकात अन्या वत्स से हुई थी। पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद उनकी हत्या कर दी गई और शव को नाले में फेंक दिया गया। पुलिस अब इस पुरानी ठगी की एफआईआर और युवराज हत्याकांड के बीच के आपसी संबंधों की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
