डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर से भारत पर मंडराया 100% टैरिफ का खतरा | international news
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून’ को अपनी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत रूस से ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का रास्ता साफ हो गया है। इस नए घटनाक्रम से भारत पर बड़ा आर्थिक संकट मंडराने लगा है [international news], क्योंकि भारत अपनी कुल तेल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा रूस से रियायती दरों पर खरीदता आ रहा है।
यह नया कानून मुख्य रूप से उन पांच देशों को लक्षित करता है जो रूस से सबसे अधिक कच्चा तेल आयात करते हैं, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन के इस कड़े कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। यदि भारत रूसी तेल की खरीद जारी रखता है, तो उसे भारी-भरकम अमेरिकी शुल्क का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आयात बिल में तेज उछाल आने और देश में ईंधन के दाम बढ़ने का सीधा जोखिम पैदा हो गया है।
टैरिफ का यह साया केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पर भी पड़ेगा। अमेरिका में भारतीय सामान महंगे होने से कपड़ा, आभूषण और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों के निर्यात को तगड़ा झटका लग सकता है, जिससे भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के आर्थिक हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
