कानपुर एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे का छह साल बाद बना डेथ सर्टिफिकेट | up crime news
छह साल पहले कानपुर के बिकरू कांड में पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को अब आधिकारिक दस्तावेजों में भी मृत घोषित कर दिया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम ने उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। इस डेथ सर्टिफिकेट के बन जाने से अब विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे के लिए संपत्ति और वरासत से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में आ रही बाधाएं दूर हो गई हैं [up crime news]।
विकास दुबे की मौत के बाद से ही उसका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा था। पोस्टमार्टम दस्तावेजों में उसके पिता का नाम रामकुमार की बजाय गलती से राजकुमार दर्ज हो गया था। इस त्रुटي को सुधारने के लिए परिजनों ने नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर काटे, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो पत्नी ऋचा दुबे को हाईकोर्ट का दरवाजा खोजना पड़ा। अदालत में सुनवाई के बाद नगर निगम कानपुर ने प्रमाण पत्र तैयार कर हाईकोर्ट में पेश किया।
गौरतलब है कि 2-3 जुलाई 2020 की रात कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था। इस खूनी संघर्ष में क्षेत्राधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद कानपुर लाते वक्त 10 जुलाई 2020 को पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कथित मुठभेड़ में विकास दुबे मारा गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं लंबे समय से लंबित थीं।
