कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में बेटा भी शक के घेरे में, मुख्य आरोपी से लगातार संपर्क का खुलासा | up crime news
उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। इस सनसनीखेज मामले में अब मृतक के बेटे की भूमिका भी गंभीर संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए सात संदिग्ध मोबाइल नंबरों की करीब एक हजार पन्नों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण शुरू कर दिया है [up crime news]।
जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो तकनीकी साक्ष्य लगे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। साजिश के केंद्र में मानी जा रही बहू शालू के बजाय मृतक के बेटे सुब्रत ने मुख्य हत्यारोपी विशाल गौतम से कहीं अधिक बार फोन पर संपर्क साधा था। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले और बाद में इनके बीच क्या बातचीत हुई थी। इसके अलावा, साल 2022 में तैयार की गई विनीत मिनोचा की एक वसीयत भी पुलिस के हाथ लगी है, जिसके बिंदुओं पर गहनता से कानूनी और तथ्यात्मक जांच की जा रही है ताकि संपत्ति विवाद के एंगल को भी समझा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी विशाल ने वारदात को अंजाम देने से महज दो दिन पहले यानी तीन सितंबर को एक नया सिम कार्ड खरीदा था और अपना पुराना नंबर बंद कर दिया था। हैरानी की बात यह है कि उस नए नंबर से उसने शालू के साथ-साथ सुब्रत को भी फोन किया था। पुलिस का मानना है कि यदि इस साजिश में केवल बहू शामिल होती, तो आरोपी को सुब्रत से संपर्क करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। इसी अहम कड़ी के आधार पर पुलिस का शक बेटे पर गहरा गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पारदर्शी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस जल्द ही अदालत से आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) की मांग करेगी। रिमांड के दौरान सुब्रत, शालू और हत्यारोपी विशाल को आमने-सामने बैठाकर तीखे सवाल किए जाएंगे, ताकि इस पूरी वारदात के मास्टरमाइंड और असली动机 का खुलासा हो सके। इस तरह की वारदातों से समाज में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है, जिसे लेकर आम जनता में भी गहरी नाराजगी और उत्सुकता बनी हुई है।
