कानपुर देहात में बेकाबू बुखार से एक और मासूम की मौत, प्रशासन लापरवाह | kanpur news
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में मौसम में हो रहे लगातार बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियों ने भयानक रूप ले लिया है। बुखार के साथ-साथ उल्टी, दस्त, पेट दर्द और त्वचा संबंधी परेशानियां तेजी से फैल रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावी रोकथाम के उपाय नजर नहीं आ रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भारी रोष व्याप्त है, जो भविष्य में बड़े जन-आंदोलन का कारण बन सकता है।
ताजा मामले में, डेरापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उदनापुर गांव के एक सात वर्षीय बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार और उल्टी की शिकायत थी। परिजनों ने जब उसकी गंभीर हालत देखी, तो वे आधी रात के बाद उसे लेकर अकबरपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां तैनात चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस अकेली घटना ने एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले चालीस दिनों के भीतर जिले में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और तेज बुखार जैसी बीमारियों के चलते मरने वाले मासूमों और अन्य मरीजों की संख्या बढ़कर नौ पहुंच चुकी है। लगातार हो रही इन मौतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में सोए हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावित क्षेत्रों में शिविर लगाकर जांच और दवा वितरण का काम शुरू नहीं किया गया, तो यह संकट और अधिक विकराल रूप धारण कर सकता है [kanpur news]।
