लखनऊ में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने व्यापारी को बनाया फर्जी गारंटर, मामला दर्ज | lucknow news
राजधानी लखनऊ के बिजनौर इलाके में वित्तीय धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक स्थानीय व्यापारी के निजी दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हुए उन्हें बिना जानकारी के किसी अन्य व्यक्ति के लोन का गारंटर बना दिया गया। इस गंभीर कृत्य से आम नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा और दस्तावेजों के दुरुपयोग का बड़ा खतरा सामने आया है, जिससे लोग डरे हुए हैं।
औरंगाबाद निवासी व्यापारी महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ वर्ष 2023 में एक फाइनेंस कंपनी से ऋण लिया था। कंपनी के प्रतिनिधि दस्तावेज घर से ले गए थे। इसके बाद जब उन्होंने वर्ष 2024 में एक अन्य लोन के लिए आवेदन किया, तो उनका आवेदन खारिज कर दिया गया। जब उन्होंने इसका कारण जाना, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
जांच में पता चला कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उनके पुराने दस्तावेजों, पैन कार्ड, हस्ताक्षर और फोटो का दुरुपयोग कर जितेंद्र सिंह नामक व्यक्ति के लोन में उन्हें गारंटर बना दिया था। जब पीड़ित ने कंपनी के कर्मचारियों मदन, दीपक और रानी से इस बारे में सवाल किया, तो उन्होंने इसे लिपिकीय त्रुटि बताया और नाम हटाने का आश्वासन दिया। हालांकि, कई बार ईमेल भेजने के बाद भी जब उनका नाम गारंटर की सूची से नहीं हटाया गया, तो उन्होंने कानूनी सहारा लेने का निर्णय किया।
बिजनौर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर संबंधित फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों के इस अवैध इस्तेमाल के पीछे की पूरी सच्चाई का पता लगाने के लिए गहनता से जांच की जा रही है [lucknow news]। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।
