कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश, शोध और नवाचार पर जोर | up agriculture news
उत्तर प्रदेश के कृषि एवं कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर कार्मिकों की नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी रिक्त पदों को पूरी तत्परता और समयबद्धता के साथ भरा जाए, ताकि शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हों [up agriculture news]। कृषि भवन में आयोजित कुलपतियों की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र में अनुसंधान कार्यों की गहन समीक्षा की।
बैठक में मंत्री ने कहा कि बदलती जलवायु और बढ़ती आबादी की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को अपनी विशेषज्ञता के आधार पर फसलों की ऐसी नई प्रजातियां विकसित करनी चाहिए जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरें। इससे न केवल घरेलू मांग पूरी होगी बल्कि प्रदेश के कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश के सभी नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम में बदलाव और सिंचाई के साधनों को ध्यान में रखकर ही अनुसंधान कार्य किए जाने चाहिए। इसके अलावा, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए जैविक खाद के उपयोग से अधिक पैदावार देने वाली किस्मों के विकास पर विशेष बल दिया गया है। इस तरह के नवाचारों से अंततः राज्य के किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
