एनएचएआई टोल प्लाजा घोटाला: सौ से अधिक बैंक खातों की होगी जांच | up crime news
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के जरिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के विभिन्न टोल प्लाजा पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस सिलसिले में आरोपितों और उनके सहयोगियों से जुड़े 100 से अधिक बैंक खातों की गहन छानबीन तेज कर दी गई है [up crime news]। बैंक खातों की इस पड़ताल से इस बात का खुलासा होगा कि इस घोटाले की कुल रकम वास्तव में कितने बड़े पैमाने पर फैले नेटवर्क से जुड़ी है। मामले की शुरुआती जांच में ही 100 करोड़ रुपये से अधिक के घपले की आशंका जताई गई थी।
जांच एजेंसी ने इससे पहले की गई छापेमारी के दौरान 1.03 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की थी। इसके साथ ही, आठ बैंक लॉकरों को भी फ्रीज किया जा चुका है और बड़ी संख्या में वित्तीय दस्तावेज, अकाउंट बुक और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। इन सबूतों के आधार पर अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की शिनाख्त की जा रही है।
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पिछले साल जनवरी के अंत में मिर्जापुर स्थित अतरैला टोल प्लाजा पर टोल वसूली में बड़े स्तर पर धांधली पकड़ी गई थी। शुरुआती तफ्तीश में उत्तर प्रदेश समेत देश के 14 राज्यों में एक जैसे अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर टोल टैक्स की चोरी और वसूली में गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस की शुरुआती प्राथमिकियों को आधार बनाते हुए अब केंद्रीय एजेंसी इस आर्थिक अपराध की तह तक जाने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है।
