कानपुर देहात के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से पशुपालक परेशान, लंपी वायरस का खतरा बढ़ा | kanpur news
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के कई राजकीय पशु चिकित्सालय इन दिनों डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा असर मवेशियों के इलाज पर पड़ रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि जिले के छह पशु अस्पतालों में कोई डॉक्टर तैनात नहीं है और अतिरिक्त प्रभार के सहारे काम चलाया जा रहा है। [kanpur news]
खासतौर पर रूरा क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। यहां पिछले दो सालों से नियमित डॉक्टर का पद खाली चल रहा है, जिससे आसपास के करीब सौ गांवों के पशुपालक खासे परेशान हैं। एक ही डॉक्टर पर दो से तीन अस्पतालों की जिम्मेदारी होने के कारण वे नियमित रूप से सभी केंद्रों पर समय नहीं दे पा रहे हैं। इस प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा ग्रामीण इलाकों के किसानों और पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, मौजूदा समय में लंपी वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे बड़ी संख्या में मवेशी बीमार हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ताले लटके होने या डॉक्टर न मिलने के कारण पशुपालक महंगे निजी चिकित्सकों से इलाज कराने को विवश हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन अब हरकत में आया है और व्यवस्था सुधारने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से अब वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डेरापुर के पशु चिकित्सक को रूरा अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, ताकि हफ्ते में दोनों स्थानों पर मवेशियों का उपचार सुचारू रूप से चल सके। हालांकि, स्थायी समाधान न होने तक पशुपालकों की मुश्किलें पूरी तरह कम होती नजर नहीं आ रही हैं। [kanpur news]
