आरटीआई का जवाब न देना बीएसए कार्यालय को पड़ा भारी, राज्य सूचना आयोग ने किया तलब | aligarh news
अलीगढ़ में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अतरौली क्षेत्र के स्कूलों, विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़ी सूचनाएं आरटीआई के तहत मांग [aligarh news] कर छिपाई जा रही थीं, जिस पर अब राज्य सूचना आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई है। समयबद्ध तरीके से जानकारी उपलब्ध न कराए जाने के कारण यह मामला उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे प्रशासनिक लापरवाही खुलकर सामने आई है।
मामले की सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त की पीठ में हुई। अतरौली निवासी एक आरटीआई आवेदक ने स्कूलों की संख्या, नामांकित विद्यार्थियों, तैनात शिक्षकों और अटैच शिक्षकों का ब्योरा मांगा था। इसके अलावा अस्थायी शिक्षकों को वित्तीय चार्ज देने के नियमों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई थीं। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आवेदक ने आयोग का दरवाजा खटखटाया।
राज्य सूचना आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जन सूचना अधिकारी को अंतिम अवसर प्रदान किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अधिकारी आगामी 24 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश हों। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित तिथि पर अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं या उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है, तो आरटीआई अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत भारी जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की लापरवाही से आम जनता को सूचना पाने के अधिकार से वंचित होना पड़ता है, जो प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए एक बड़ी चुनौती है।
