मॉस्को से लौटे इंजीनियर के परिवार का छलका दर्द, मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी | kanpur news
मॉस्को से वतन लौटे इंजीनियर चंदन गुप्ता और उनके परिवार की मानसिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। रूस में पुलिस कस्टडी और कथित झूठे आरोपों से आहत चंदन पूरी तरह गुमसुम हो गए हैं। उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगी ताकि उनके पति पर लगे बेबुनियाद आरोपों की सच्चाई सामने आ सके (kanpur news)।
स्नेहा गुप्ता का आरोप है कि मॉस्को में गिरफ्तारी के दौरान भारतीय दूतावास ने उनकी कोई मदद नहीं की और बिना जांचे-परखे रूस के अधिकारियों के बयानों को आधार बना लिया। परिवार का कहना है कि रूसी पुलिस ने दबाव बनाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। अब न्याय पाने की उम्मीद में परिवार ने जौनपुर की सांसद सीमा द्विवेदी से संपर्क किया है, जिन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का भरोसा दिया है। इस तरह की विदेश की घटनाओं से नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है, जो चिंता का विषय है।
बता दें कि नोएडा की एक कंपनी में डीजीएम के पद पर कार्यरत चंदन गुप्ता अपने एक मित्र के साथ मॉस्को गए थे, जहां उन्हें एम्बुलेंस में तोड़फोड़ के झूठे आरोप में हिरासत में लिया गया था। बिना किसी ठोस सबूत के 48 घंटे तक कस्टडी में रखने के बाद उन्हें छोड़ा गया था। अब परिवार ने भविष्य में कभी भी रूस न जाने का फैसला किया है और सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहा है [kanpur news]।
