लखनऊ में दिल्ली की तर्ज पर बनेगी एयरोसिटी, एससीआर विकास योजनाओं में बड़े बदलाव का प्रस्ताव | lucknow news
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों के विकास को गति देने के लिए तैयार किए जा रहे राज्य राजधानी क्षेत्र (एसटीआर/यूपीएससीआर) के मास्टर प्लान में कई बड़े बदलाव किए जाने की तैयारी है। हाल ही में जिला प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने विकास योजनाओं का खाका तैयार करते हुए कई अहम सुझाव दिए हैं, जिनका सीधा असर भविष्य के शहरी बुनियादी ढांचे पर पड़ेगा। [lucknow news]
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के दोनों तरफ एयरोसिटी विकसित करने को लेकर लिया गया है। पूर्व में केवल दक्षिण दिशा में सैनिक स्कूल के पास एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों को इसमें शामिल करने पर सहमति बनी है। इससे व्यावसायिक गतिविधियों और आवासीय सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक जमीन मिल सकेगी।
इसके साथ ही, भविष्य की आबादी के दबाव को भांपते हुए प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सिंचाई और जल निगम को नए सिरे से जलापूर्ति का आकलन करने को कहा गया है। वहीं, राज्य संग्रहालय को अन्यत्र ले जाने के बजाय मौजूदा स्थान पर ही आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि शहर की ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रह सके।
यातायात को सुगम बनाने के लिए किसान पथ पर सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड के बीच दोनों तरफ साढ़े सात मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाने का भी प्रस्ताव है। इससे स्थानीय ट्रैफिक और हाईवे के हाई-स्पीड ट्रैफिक को अलग करने में मदद मिलेगी, जिससे हादसों पर लगाम लगेगी और आम जनता को जाम से राहत मिलेगी।
