पीलीभीत टाइगर रिजर्व में weekend tourism हुआ महंगा, बढ़ गए जंगल सफारी के दाम
उत्तर प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव गंतव्य के रूप में पहचान बना चुके पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को अब सप्ताह के अंतिम दिनों में अधिक जेब ढीली करनी होगी। वन मंत्री की अध्यक्षता में हुई शासी निकाय की उच्चस्तरीय बैठक में पर्यटन सत्र के लिए नई दरों को मंजूरी दी गई है, जो सैलानियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करेंगी।
सैलानियों के लिए वीकेंड यानी शनिवार और रविवार को टाइगर रिजर्व में प्रवेश शुल्क 150 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति व्यक्ति कर दिया गया है। हालांकि, सप्ताह के बाकी कामकाजी दिनों में पुराना शुल्क 120 रुपये प्रति व्यक्ति ही लागू रहेगा। इसके साथ ही, विदेशी पर्यटकों के लिए भी नियमों में बदलाव करते हुए शुल्क 800 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए weekend tourism को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है ताकि पार्क के रख-रखाव और सुविधाओं में सुधार किया जा सके।
राजधानी लखनऊ में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। प्रभावित ग्रामीण परिवारों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए सरकारी सहायता समय पर उन तक पहुंचाई जाए। प्रशासन का मुख्य जोर इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के नियमों का कड़ाई से पालन कराने पर है।
विभाग द्वारा टाइगर रिजर्व फाउंडेशन की आय बढ़ाने के विभिन्न विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। स्वैच्छिक दानदाताओं और प्रकृति प्रेमियों को इस संरक्षण कार्य में आर्थिक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाले समय में इन बदलावों से पार्क के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
