आगरा में खुले नालों की समस्या पर लगाम, agra news के तहत 140 नाले होंगे कवर
आगरा में खुले नालों की वजह से लगातार हो रहे हादसों और जनहानि को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। पिछले एक साल के दौरान शहर में खुले नालों में गिरने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इस जन-सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने शहरभर के नालों का सेफ्टी ऑडिट कराया है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शहर के विभिन्न इलाकों में फैले 410 नालों की कुल लंबाई करीब 324 किलोमीटर है, जिसमें बड़े, मध्यम और छोटे सभी नाले शामिल हैं। हाल ही में केदारनगर नाले में एक व्यक्ति की डूबकर हुई मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर आधा दर्जन विशेष टीमों ने मैदान में उतरकर सर्वे किया और सबसे ज्यादा संवेदनशील तथा खुले नालों की पहचान की।
विस्तृत कार्ययोजना के तहत नगर निगम प्रशासन 114.14 करोड़ रुपये की लागत से कुल 140 नालों को सीमेंटेड स्लैब या अन्य माध्यमों से ढकेगा। इन चिन्हित नालों में छत्ता जोन के 32, लोहामंडी जोन के 26, ताजगंज जोन के 35 और हरीपर्वत जोन के 47 नाले शामिल हैं। इस agra news के सामने आने के बाद स्थानीय रहवासियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इन विकास कार्यों के पूरा होने से बच्चों और बुजुर्गों के लिए आवागमन सुरक्षित हो जाएगा।
प्रशासन की ओर से तैयार किए गए इस प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा जा रहा है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, जब तक स्थायी रूप से नाले कवर नहीं होते, तब तक संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग करके सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
