आगरा में उटंगन नदी का कहर, agra news के तहत 650 बीघा फसल जलमग्न और रास्ते बंद
राजस्थान के अरावली क्षेत्र में हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में साफ दिखने लगा है। उटंगन नदी के जलस्तर में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी से आगरा जिले के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। agra news के इस घटनाक्रम में फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसीलों के निचले हिस्सों में पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
फतेहाबाद-बाह मार्ग पर स्थित मुख्य टोडा पुल पर तीन फीट तक पानी बहने के कारण पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। मार्ग बाधित होने के कारण नागर सहित करीब 50 गांवों के हजारों लोगों को अब पिनाहट के रास्ते तीस किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर सफर करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में मुनादी कराकर लोगों और पशुओं को नदी के करीब न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। खेतों में जलभराव के चलते बाजरा, दलहन, तिलहन और तमाम हरी सब्जियां पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। फसल कटाई के मुहाने पर इस तरह बर्बादी आने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा है, जिससे किसानों में गहरी चिंता व्याप्त है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर में जल्द सुधार की उम्मीद है। जलभराव कम होने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आंकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
