लखनऊ बना नंबर-1, swachh vayu sarvekshan 2026 में लहराया परचम
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित स्वच्छ वायु दिवस कार्यक्रम के दौरान लखनऊ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। केंद्रीय मंच पर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों की घोषणा के बाद लखनऊ को नेशनल बेस्ट परफॉर्मिंग सिटी रैंक-1 का प्रतिष्ठित सम्मान मिला। इस सफलता से न केवल प्रशासनिक अमले में उत्साह है, बल्कि आम जनता ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि इससे शहर के पर्यावरण में सुधार की पुष्टि हुई है।
नगर निगम की ओर से पिछले कुछ वर्षों में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए थे। शहर की सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 97 इलेक्ट्रिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों को लगाया गया और नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया गया। इसके अलावा, लगभग 560 किलोमीटर लंबी सड़कों का पक्कीकरण किया गया ताकि धूल उड़ने की समस्या से निजात मिल सके। कचरा प्रबंधन के मोर्चे पर भी कड़े कदम उठाए गए और लगभग 1100 इलेक्ट्रिक वाहनों को डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए उतारा गया।
समारोह के दौरान राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष और पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार को यह पुरस्कार प्रदान किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने पर लखनऊ को 1.50 करोड़ रुपये और देश का सर्वश्रेष्ठ चुने गए वार्ड-70 को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के पुरस्कारों से अन्य शहरी निकायों को भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
इस उपलब्धि के बाद स्थानीय प्रशासन और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने की योजना बना रहा है। आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को और बढ़ाने और हरित क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। जनता के सहयोग और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के मेल से लखनऊ ने यह साबित कर दिया है कि सुनियोजित प्रयासों से प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
