यूपी सरकार का बड़ा फैसला, बिना टेंडर up politics news के तहत स्टार्टअप से उत्पाद खरीद सकेंगे सरकारी विभाग
उत्तर प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में योगी सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब प्रदेश के पंजीकृत स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए लंबी टेंडर प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। सरकार खरीद नीति में संशोधन कर रही है, जिससे सरकारी विभाग सीधे तौर पर इन उद्यमों से खरीदारी कर सकें।
प्रस्तावित नई नीति के तहत ‘स्टार्टइनयूपी’ पोर्टल पर रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स से 50 लाख रुपये तक के उत्पाद, उपकरण और सेवाएं बिना टेंडर के खरीदे जा सकेंगे। इस कदम से न केवल सरकारी कामकाज में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नए उद्यमियों को एक मजबूत बाजार भी उपलब्ध होगा। आम जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी विकास को गति मिलेगी।
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए यूपी स्टार्टअप मिशन के अंतर्गत एक विशेष ई-मार्केट प्लेस तैयार किया जा रहा है। वर्तमान नियमों के अनुसार, सरकारी विभागों को सीमित राशि की खरीद की ही छूट है, जिसे अब इन नए संशोधनों के जरिए काफी हद तक बढ़ाया जा रहा है।
विशिष्ट क्षेत्रों के स्टार्टअप को मिलेगा विशेष लाभ
प्रस्तावित नीति में डीप-टेक, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्री-टेक, मेडि-टेक, ग्रीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए खरीद सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये तक किए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा, विभागों द्वारा अपने वार्षिक बजट का एक निश्चित हिस्सा (लगभग आधा फीसदी) इन नवाचारी उत्पादों की खरीद के लिए आरक्षित किया जा सकता है।
भुगतान प्रणाली को भी स्टार्टअप्स के अनुकूल बनाया गया है, जिसके तहत आर्डर देने पर 30 फीसदी और डिलीवरी के बाद शेष भुगतान का बड़ा हिस्सा तुरंत जारी किया जाएगा। आने वाले दिनों में कैबिनेट की मुहर लगने के बाद यह नीति उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव साबित होगी।
