अलीगढ़: सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर हुई पैमाइश, खनन सामग्री मिलने पर जताई नाराजगी
अलीगढ़ के खैर तहसील में सरकारी भवन के निर्माण के लिए आरक्षित लगभग दस बीघा भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को राजस्व विभाग और खनन विभाग की एक संयुक्त टीम ने मौके का मुआयना किया। तहसीलदार अवनीश कुमार की देखरेख में भूमि की पैमाइश की गई। इस दौरान, खाली पड़ी सरकारी जमीन पर गिट्टी, बालू और बदरपुर का भारी मात्रा में भंडारण पाया गया, जिससे अधिकारियों ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
यह मामला तब सामने आया जब सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल शर्मा ने पूर्व में उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) खैर को एक शिकायती पत्र सौंपकर तहसील मुख्यालय से सटी सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जे की ओर ध्यान दिलाया था। एसडीएम शिशिर कुमार सिंह के निर्देश पर तहसीलदार और जिला खनन अधिकारी सुरेंद्र सिंह मय राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
भूमि की पैमाइश और निरीक्षण के दौरान, सरकारी जमीन पर निर्माण सामग्री के भंडारण को देखकर जिला खनन अधिकारी ने तत्काल रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार की सामग्री का भंडारण नियमों के विरुद्ध है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में लेखपाल देवेंद्र सिंह आर्य और पुष्पेंद्र वार्ष्णेय सहित राजस्व विभाग के कई कर्मचारी मौजूद रहे। इस घटना से सरकारी भूमि के संरक्षण और अतिक्रमण पर अंकुश लगाने की आवश्यकता एक बार फिर उजागर हुई है।
