घर-घर में रावण बैठा है, इतने राम कहां से लाओगे : नयन सागर महाराज
पुरानी बस्ती स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़े मंदिर में शीतलनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया गया। इस दौरान आचार्य नयन सागर महाराज ने श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में हर घर में रावण जैसी बुराई व्याप्त है, ऐसे में इतने राम कहां से लाएंगे। उन्होंने रावण को तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान का भक्त और महान ज्ञानी बताते हुए उसकी दृढ़ प्रतिज्ञा का भी उल्लेख किया।
आचार्य ने कहा कि यदि कोई अपराधी अपना अपराध स्वीकार कर ले तो उसे सुधरने और प्रायश्चित करने का मौका मिल सकता है। उन्होंने वर्तमान समाज पर कटाक्ष करते हुए कहा कि गलत होने के बाद भी सामने वाले को दोषी ठहराना सही नहीं है। यह प्रवचन भाद्रपद कृष्णा एकम से भाद्रपद पूर्णिमा तक चलने वाले सोलह कारण पर्व के अवसर पर दिए गए, जो धर्म वृद्धि और पुण्य बढ़ाने वाला महीना है।
इस आयोजन में योगेश जैन, सुबोध जैन अल्ला, रविन्द्र टीटू, धवल जैन, नरेंद्र जैन, सतेन्द्र जैन, सुधीर जैन, राकेश जैन, दीपू जैन, गुड्डू मंत्री, मनोज जैन, नितिन जैन, आशीष जैन, सतीश जैन, मुकेश जैन, रमेश जैन, आलोक जैन, राहुल जैन, सक्षम जैन, शुभम् जैन, संभव जैन, राजकुमारी जैन, सरोज जैन, टीना जैन सहित अनेक श्रावक-श्राविकायें उपस्थित रहे। इस तरह की धार्मिक सभाएं समाज में नैतिकता और आत्म-सुधार के महत्व को रेखांकित करती हैं।
