अंकित बालियान मर्डर केस: STF खंगाल रही बाहरी गैंग की कुंडली, Delhi-NCR शूटरों पर निगाह
उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) जांच का दायरा बढ़ा रही है। एसटीएफ अब पड़ोसी राज्यों के बदमाशों की पूरी कुंडली खंगालने में जुटी है। इसमें उनके स्थानीय मददगारों से लेकर उत्तर प्रदेश में उनकी आवाजाही की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर के गिरोहों से जुड़े शूटरों पर एसटीएफ की निगाह है। बाहरी गिरोहों द्वारा प्रदेश में की गई यह दुस्साहसिक वारदात एसटीएफ के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है। जिस तरह कुछ गिरोह यूपी में अपना दबदबा बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे यह आशंका गहरा रही है कि उनका नेटवर्क स्थानीय बदमाशों के बीच भी गहरा हो चुका है।
जांच के दौरान, भोलू शाहपुरिया और जितेंद्र मान उर्फ गोगी गैंग के कई शूटरों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ ने दिल्ली और हरियाणा पुलिस से भी महत्वपूर्ण इनपुट मांगे हैं। गोगी गैंग से जुड़े रहे दीपक पहल उर्फ बाक्सर और उसके गुर्गों को लेकर भी छानबीन तेज कर दी गई है। योगेश उर्फ टुंडा के अलावा हरियाणा के कई अन्य अपराधी भी एसटीएफ के रडार पर हैं। इस मामले में इंस्टाग्राम के कई अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है। एसटीएफ न केवल अंकित बालियान की हत्या, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय रहे उत्तर प्रदेश के अपराधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
सोशल मीडिया के विभिन्न अकाउंट्स पर उनकी गतिविधियों के साथ-साथ तिहाड़ जेल में बंद कुछ अपराधियों के नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बाहरी गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थानीय मददगारों की पहचान के लिए भी छानबीन तेज कर दी गई है। अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक आवास पर फायरिंग की घटना के बाद गायक अंकित बालियान की हत्या ने प्रदेश में बाहरी गिरोहों की आमद को लेकर पुलिस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है। लगभग एक मिनट छह सेकेंड के इस फुटेज में अंकित को जिम से बाहर निकलते, अपनी कार के पास पहुंचते और फिर चार हमलावरों द्वारा उसे घेरकर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो जाते हैं। पुलिस ने इस फुटेज को जांच में शामिल कर लिया है और हमलावरों की पहचान व उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। यह घटना आम जनता के लिए एक चिंता का विषय है क्योंकि यह अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
