स्कूल की बदहाली का सच दिखाने पर BJP कार्यकर्ताओं ने पिता को मार डाला, बेटा बोला- अब सुधारेंगे हालात
पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के करीसुंदा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल की बदहाली को उजागर करने की कोशिश कर रहे 25 वर्षीय शेख अब्दुल हाफिज के पिता शेख मोहम्मद मफीक की कथित तौर पर BJP कार्यकर्ताओं द्वारा की गई पिटाई के बाद मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
पिता की याद में भावुक हुआ बेटा
शेख अब्दुल हाफिज अपने पिता को याद करते हुए बेहद भावुक हो जाते हैं। उनका कहना है कि उनके पिता ने उन्हें अन्याय के खिलाफ खड़ा होना सिखाया है और अब वे स्कूलों की स्थिति सुधारकर रहेंगे। आरोप है कि गांव के सरकारी स्कूल की दयनीय स्थिति को सार्वजनिक करने पर BJP कार्यकर्ताओं ने अब्दुल और उनके पिता के साथ मारपीट की। गंभीर चोटों के चलते 15 अगस्त को मफीक की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है, कई आरोपी फरार हैं और उनके परिवार गांव छोड़कर जा चुके हैं।
जंतर-मंतर से लौटने के बाद शुरू हुआ विवाद
अब्दुल ने बताया कि वह ‘स्कूल ठीक करो’ आंदोलन से जुड़ा है और दिल्ली के जंतर-मंतर भी गया था। 27 जुलाई को गांव लौटने के बाद कुछ लोग उससे नाराज रहने लगे। 28 जुलाई को पहली बार उसके साथ मारपीट हुई, जिसमें उसके जरूरी सबूत वाला फोन छीन लिया गया। उसने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। 13 अगस्त को उसके परिवार पर हमला करने वाले लोग वही थे जिन्होंने पहले उसके साथ मारपीट की थी।
स्कूल की परमिशन मांगने पर हुआ हमला
अब्दुल के अनुसार, 13 अगस्त की सुबह वह अपने पुराने प्राइमरी स्कूल पहुंचा और वहां के प्रभारी काशीनाथ डे से स्कूल की समस्याओं को दिखाने की अनुमति मांगी। इसी बात से नाराज BJP कार्यकर्ताओं ने रात में उसके घर पर हमला कर दिया। लाइट काटकर अंधेरे में उसे और उसके पिता को बेरहमी से पीटा गया। पिता को बचाने की कोशिश में अब्दुल भी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद से गांव में पुलिस बल तैनात है और अब्दुल के घर की सुरक्षा के लिए भी पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
