कानपुर लेखपालों का धरना: एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के खिलाफ सीएम को सौंपा ज्ञापन
कानपुर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को भोगनीपुर तहसील के प्रांगण में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। लेखपालों ने एंटी करप्शन और विजिलेंस टीमों द्वारा उनके खिलाफ की जा रही अनुचित और फर्जी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा।
लेखपाल संघ ने कहा कि वे राजस्व विभाग के मेहनती और जनता से सीधे जुड़े कर्मचारी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हैं और भूमि संबंधी विवादों व अन्य राजस्व कार्यों को निष्ठापूर्वक करते हैं। संघ का आरोप है कि जब वे किसी के अवैध कार्यों को नियमों के विपरीत नहीं करते, तो असंतुष्ट व्यक्ति निजी स्वार्थ में उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास करते हैं। हाल ही में, शिकायतकर्ताओं की पृष्ठभूमि और मामले की पर्याप्त जांच किए बिना एंटी करप्शन और विजिलेंस टीमों द्वारा ट्रैप कार्रवाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
20 अगस्त 2026 को अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए, लेखपालों ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश के लेखपाल आहत और आक्रोशित हैं। इस घटना ने कर्मचारियों में भय, मानसिक प्रताड़ना और असुरक्षा की भावना को बढ़ाया है, जिससे भयमुक्त होकर निष्पक्ष और ईमानदारी से काम करना संभव नहीं हो पा रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रवीण कुमार, ज्ञानेश सचान, राघवेन्द्र सचान, अखिलेश कटियार, अमर पाल, संजीव सचान, नवनीत सचान, दीक्षा सचान, पूजा देवी, राजेश पटेल और अजीत कटियार सहित कई लेखपाल संघ के सदस्य शामिल थे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम देवेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
यह विरोध प्रदर्शन लेखपालों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाता है, क्योंकि यह सरकारी कर्मचारियों के काम करने के माहौल और उनकी सुरक्षा से जुड़ा है। उनकी मांगें प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की ओर इशारा करती हैं।
