जनरेटिव एआई करियर: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में भविष्य की तकनीक पर कार्यशाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर ने हाल ही में जनरेटिव एआई (Generative AI) पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल के सहयोग से आयोजित इस सत्र में छात्रों को भविष्य की इस उभरती हुई तकनीक और इसके विभिन्न टूल्स से अवगत कराया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए निदेशक प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने जनरेटिव एआई के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता, विशेषज्ञ डॉ. नमिता मंगला ने छात्रों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं, इसकी व्यापक उपयोगिता और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जनरेटिव एआई शिक्षा, व्यवसाय, शोध, कंटेंट निर्माण, डेटा विश्लेषण और समस्या-समाधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है।
जनरेटिव एआई का प्रभाव अब हर क्षेत्र में देखा जा रहा है, जिससे छात्रों के लिए नए करियर के अवसर खुल रहे हैं। इस तकनीक को समझना और इसका सही उपयोग करना भविष्य में सफलता की कुंजी साबित होगा।
डॉ. मंगला ने छात्रों को एआई टूल्स के प्रभावी, व्यावहारिक और नैतिक रूप से जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे छात्र अपनी पढ़ाई, प्रोजेक्ट मेकिंग, रिसर्च वर्क, प्रेजेंटेशन और लेखन में एआई का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल कर सकते हैं। संवादात्मक सत्र के दौरान, विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक समाधान किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई अन्य गणमान्य शिक्षक और विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
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