आगरा शहर में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) इस माह नेशनल हाईवे-19 पर आईएसबीटी से सिकंदरा तिराहा तक लगी बैरिकेडिंग...
आगरा शहर में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) इस माह नेशनल हाईवे-19 पर आईएसबीटी से सिकंदरा तिराहा तक लगी बैरिकेडिंग को हटाना शुरू करेगा। इस पहल से हाईवे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, एमजी रोड पर भी विकास कार्य किए जाएंगे। यहां की नालियों को चौड़ा किया जाएगा, जिससे बरसात के मौसम में जल निकासी की समस्या का समाधान होगा और जलभराव से बचा जा सकेगा। वर्तमान में, हाईवे और एमजी रोड पर चल रहे कार्यों का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है, जो अगले पांच से सात दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
यूपीएमआरसी आगरा में 24 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक का निर्माण कर रहा है, जिसमें पहले कॉरिडोर का आठ किलोमीटर और दूसरे का 16 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। बिजलीघर चौराहे से आईएसबीटी स्टेशन तक पांच स्टेशन बनकर तैयार हैं और रेल संरक्षा आयुक्त की मंजूरी का इंतजार है। गुरु का ताल और सिकंदरा तिराहा स्टेशनों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाईवे-19 पर ट्रैक का काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद बैरिकेडिंग हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
संयुक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क पंचानन मिश्र ने बताया कि बैरिकेडिंग हटाने का कार्य चरणबद्ध तरीके से होगा, जिसकी शुरुआत आईएसबीटी की ओर से की जाएगी। बैरिकेडिंग हटने के बाद रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम शुरू होगा, जिसमें एक महीने से अधिक का समय लग सकता है। हाईवे पर बैरिकेडिंग हटने से यातायात की बाधाएं दूर होंगी।
एमजी रोड पर भी छह किलोमीटर लंबा कार्य प्रगति पर है। सदर बाजार से अवंतीबाई चौराहे तक का सर्वे पूरा हो गया है, जबकि शेष हिस्से का सर्वे जारी है। नालियों के चौड़ीकरण के साथ-साथ सड़क का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक मेट्रो का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।