चंगाई सभा या धर्मांतरण? लखनऊ में बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस जांच शुरू, दो हिरासत में
लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के भदेसुवा नयाखेड़ा गांव में एक चर्च में आयोजित चंगाई सभा के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चर्च से जुड़े कुछ पोस्टर हटवाए और एक महिला सहित दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, सेंट स्टीफन बिलीवर्स ईस्टर्न चर्च में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें करीब तीस से पैंतीस लोग शामिल थे। इसी बीच बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की सभाओं का इस्तेमाल धर्म परिवर्तन के लिए किया जा रहा है। उन्होंने विरोध जताते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए साथ ले गई और चर्च से जुड़े कुछ पोस्टर भी अपने कब्जे में लिए। कुछ ग्रामीणों ने भी दबी जुबान में धर्म परिवर्तन के आरोप दोहराए हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।
धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है, जिसमें प्रलोभन, छल, बल या धोखे से कराए गए धर्मांतरण के लिए दस साल तक की सजा का प्रावधान है।
यह मोहनलालगंज क्षेत्र में हाल के हफ्तों में इस तरह की दूसरी घटना है। इससे पहले भी इसी तरह के आरोपों के बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल कर रही है। स्थानीय हिंदू संगठनों ने भी इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई है और चेतावनी दी है कि यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
