कानपुर में किशोरी की सर्जरी में लापरवाही: प्लेट का नट फंसा, टूटी हड्डी, परिजनों का हंगामा
कानपुर के जिला अस्पताल उर्सला में एक 15 वर्षीय किशोरी के पैर की सर्जरी के दौरान गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि चार साल पहले किशोरी के पैर में लगी प्लेट का एक नट निकालने के प्रयास में डॉक्टर ने पहले से जुड़ी हड्डी को ही तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया।
सर्जरी में फंसा नट, टूटी हड्डी
जाजमऊ निवासी नफीस ने बताया कि चार साल पहले उनकी बेटी का बायां पैर टूट गया था, जिसके बाद उर्सला अस्पताल में आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील उत्तम ने ऑपरेशन कर प्लेट लगाई थी। परिजनों का आरोप है कि इस उपचार के लिए उनसे 35 हजार रुपये लिए गए थे। हाल ही में किशोरी के पैर में दर्द शुरू होने पर डॉक्टर ने प्लेट निकालने की सलाह दी। शुक्रवार को ऑपरेशन के दौरान चार में से तीन नट निकल गए, लेकिन चौथा नट फंस गया। उसे निकालने के प्रयास में हड्डी टूट गई।
इलाज से मना करने पर भड़का गुस्सा
परिजनों का आरोप है कि नट फंसने और हड्डी टूटने के बाद डॉक्टर सुनील उत्तम ने इलाज से हाथ खींच लिया और किशोरी को कहीं और ले जाने को कहा। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और डॉक्टर से मारपीट की नौबत आ गई। सुरक्षाकर्मियों और मेडिकल स्टाफ ने डॉक्टर को बचाया। बाद में डॉक्टर ने इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया।
विशेषज्ञों की राय और डॉक्टर का पक्ष
आर्थो विशेषज्ञों के अनुसार, नट निकालते समय उसका फंसना बड़ी लापरवाही का संकेत है। वहीं, डॉ. सुनील उत्तम का कहना है कि नट निकालते समय वह फंस गया और हड्डी टूट गई। उन्होंने लापरवाही के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि शनिवार को बच्ची का एक्सरे कराकर आगे की इलाज प्रक्रिया तय की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
उर्सला की निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ परामर्शदाता को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई है तो सख्त कार्रवाई होगी और बच्ची को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाएगा। इस घटना ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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