बृजभूषण सिंह का शक्ति प्रदर्शन: बोले- झुक जाता तो किरदार का कत्ल हो जाता, जानें क्या है पूरा मामला
महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों से बरी होने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने गृह जिले गोंडा में एक भव्य ‘सत्यमेव जयते’ समारोह का आयोजन कर शक्ति प्रदर्शन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में अयोध्या के साधु-संतों और भोजपुरी कलाकारों ने शिरकत की। बृजभूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यदि वह झुक जाते तो मसला हल हो जाता, लेकिन इससे उनके किरदार का कत्ल हो जाता। उन्होंने इस पूरे मामले को एक बड़े आंदोलन की संज्ञा दी और अपने समर्थकों के अभूतपूर्व समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
अयोध्या पहुंचने पर बृजभूषण शरण सिंह का चार्टर्ड प्लेन से उतरने के बाद भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। वहां से वह खुली जीप में सवार होकर गोंडा के नंदिनी नगर के लिए रवाना हुए। रास्ते भर समर्थकों ने उन पर फूल बरसाकर और नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
नंदिनी स्टेडियम में आयोजित समारोह में साधु-संतों की मौजूदगी से अभिभूत बृजभूषण ने कहा कि उनका जीवन संतों के आशीर्वाद से ही संचालित है। उन्होंने अपनी बात की शुरुआत एक शायरी से की, जिसमें उन्होंने अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की बात कही। इस आयोजन में रितेश पाण्डेय, खुशी कक्कड़, गगनदीप सिंह और गुड्डू दूबे जैसे भोजपुरी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधा। थारू जनजाति की बेटियों ने पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किया।
इस पूरे घटनाक्रम का सार्वजनिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि यह न्याय प्रणाली, सार्वजनिक धारणा और राजनीतिक शख्सियतों के इर्द-गिर्द घूमते विवादों पर प्रकाश डालता है।
