Commonwealth Games 2022: अलीगढ़ के गुलवीर सिंह ने जीता सिल्वर मेडल, यूपी का मान बढ़ाया
अलीगढ़ के गांव सिरसा के रहने वाले एथलीट गुलवीर सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गांव से लेकर पूरे जिले में जश्न का माहौल है। गुलवीर के पिता पप्पू सिंह ने कहा कि वर्षों की मेहनत आज रंग लाई है। गांव वालों ने इसे पूरे अलीगढ़ और देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
गुलवीर सिंह की सफलता की नींव अलीगढ़ जिले के खेतों की धूल में रखी गई थी। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे गुलवीर का बचपन का लक्ष्य भारतीय सेना में भर्ती होना था। दौड़ना उनके लिए सेना की परीक्षा पास करने की मजबूरी थी, न कि मेडल जीतने का जरिया। इस सफलता के साथ ही गुलवीर ने भारत और अपने गृह जनपद अलीगढ़ का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
मां की आंखों में खुशी के आंसू और बेटे का इंतजार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले गुलवीर की मां लक्ष्मी की आंखों में खुशी के आंसू थे, लेकिन वह मेडल के साथ-साथ बेटे का भी इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब बेटा आ जाए, एक और मेडल घर में सजाऊंगी। गांव के हर घर में गुलवीर के ही चर्चे थे।
खेतों से निकलकर बने देश के सर्वश्रेष्ठ धावक
गरीब किसान के बेटे होने के कारण गुलवीर के पास शुरुआती दिनों में पेशेवर रनिंग शूज और ट्रैक की सुविधाएं नहीं थीं। वह गांव की कच्ची पगडंडियों और पिता के खेतों के किनारे घंटों पसीना बहाते थे। वर्तमान में भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत गुलवीर, भारत के सर्वश्रेष्ठ लॉन्ग-डिस्टेंस रनर बन चुके हैं।
सेना में भर्ती के बाद मिली पेशेवर ट्रेनिंग
साल 2018 में सेना में भर्ती होने के बाद सैन्य इकाइयों के बीच होने वाली क्रॉस-कंट्री रेस में उनकी प्रतिभा को देखकर अफसरों ने उन्हें पेशेवर ट्रेनिंग के लिए प्रेरित किया। यही प्रशिक्षण उनके अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स करियर की मजबूत नींव बना। इससे पहले गुलवीर ने एशियाई खेलों में भी देश के लिए कांस्य पदक जीता था।
ओलंपिक मेडल का सपना
गुलवीर के पिता पप्पू सिंह ने कहा कि बेटे का एक ही सपना है ओलंपिक में मेडल जीतना। इस बार वे पेरिस ओलंपिक का हिस्सा नहीं बन सके, लेकिन पिता को उम्मीद है कि अगला ओलंपिक मेडल अलीगढ़ में आएगा। गुलवीर सिंह 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों श्रेणियों में मौजूदा एशियाई चैंपियन और नेशनल रिकार्ड होल्डर हैं।
