लखनऊ में छात्र प्रदर्शन: फीस वृद्धि और निष्कासन के खिलाफ 1090 चौराहे पर ‘student protest’
लखनऊ का 1090 चौराहा गुरुवार को छात्र आंदोलन का गवाह बना, जहाँ समाजवादी छात्र सभा के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि, छात्र संघ चुनाव की बहाली और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 30 दलित छात्रों के निष्कासन व भारी आर्थिक जुर्माने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि शिक्षा को अधिकार बनाए रखा जाए, न कि आर्थिक बोझ।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राजभवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लेकर ईको गार्डेन भेज दिया। समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने आरोप लगाया कि लगातार फीस वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा पाना कठिन हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने छात्र संघ चुनावों की बहाली की भी मांग की, जिसे वे विद्यार्थियों की आवाज और नेतृत्व निर्माण का महत्वपूर्ण मंच मानते हैं। उन्होंने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई का भी विरोध किया। इस प्रदर्शन ने शिक्षा प्रणाली में व्याप्त असमानताओं और छात्र अधिकारों के हनन के मुद्दे को उजागर किया है, जो देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
