आगरा कॉलेज में छात्रों को मिला CPR प्रशिक्षण, बने जीवन रक्षक
आगरा कॉलेज के ऑडिटोरियम में एनसीसी आर्मी विंग और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) ने मिलकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की तकनीक सिखाना था, ताकि वे आकस्मिक हृदयाघात के शिकार लोगों की जान बचा सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. वीके सिंह और कैप्टन प्रो. अमित अग्रवाल ने किया। मुख्य चिकित्सा प्रशिक्षक और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील अग्रवाल ने विशेष सीपीआर पुतलों (मिनीकिन्स) का उपयोग करते हुए 90 मिनट का लाइव प्रदर्शन और अभ्यास कराया। छात्रों को चेस्ट कंप्रेशन और कृत्रिम सांस देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
आईएपी सीपीआर की स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. सोनिया भट्ट ने इस प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में केवल दो प्रतिशत से भी कम आबादी सीपीआर जानती है, जबकि 80-82 प्रतिशत हृदयाघात अस्पताल के बाहर होते हैं। एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले शुरुआती तीन मिनट में सीपीआर देने से मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। जिन देशों में सार्वजनिक सीपीआर प्रशिक्षण व्यापक है, वहां 40 से 60 प्रतिशत जानें बचाई जाती हैं। इस प्रशिक्षण से स्थानीय समुदाय में आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी।
