जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण पर राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग, कांग्रेस ने लिखी चिट्ठी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त किए जाने संबंधी खबरों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में राज्यपाल के संवेदनशील हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है। राय ने पत्र में लिखा है कि शिक्षा और जनकल्याण के उद्देश्य से स्थापित विश्वविद्यालय किसी सरकार या दल की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र की बौद्धिक पूंजी और समाज की साझा धरोहर होते हैं।
उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने का मौलिक अधिकार है। ऐसे में, किसी भी दंडात्मक कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय, सार्वजनिक हित और अनुपातिकता के सिद्धांतों का पालन होना चाहिए। जौहर विश्वविद्यालय के कई भवनों को ध्वस्त करने का निर्णय न्याय और प्रशासन दोनों की दृष्टि से गलत है।
राय ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालय 2013 से संचालित है और आपत्ति को विधिक प्रक्रिया से दूर किया जा सकता था। हजारों छात्र-छात्राएं यहां पढ़ रहे हैं, जिनका भविष्य किसी भी प्रशासनिक विवाद से ऊपर है। किसी भी निर्णय में इन निर्दोष विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। इस मामले में राज्यपाल का हस्तक्षेप छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
