नौकरी के नाम पर ठगी: बिहार में सीएमडी की तलाश में जाएगी एसआईटी
देशभर के 60 हजार युवाओं को अच्छी नौकरी का सब्जबाग दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसने लगा है। इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी को बिहार जाकर अभियुक्तों को पकड़ने और अन्य विधिक कार्रवाई करने के अधिकार दिए गए हैं। यह गिरोह नेटवर्किंग के नाम पर पिरामिड स्कीम चलाकर युवाओं को ठग रहा था।
एसआईटी प्रभारी एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि आरोपियों पर दर्ज मुकदमों और उनके ठगी के सेंटरों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड और धनवंतरि आयुर्वेदा एसोसिएट्स के नाम पर बिहार के इनामुल हक और विजय कुशवाहा पूरा गिरोह संचालित कर रहे थे। मनीष सिन्हा भी इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जिसने 2024 में पकड़े जाने के बाद अपनी कंपनी और सीएमडी का नाम बदल दिया था। वर्तमान सीएमडी इनामुल हक नए युवाओं को प्रशिक्षण भी देता है, जबकि एमडी विजय कुशवाहा के भी कई वीडियो जांच के दायरे में हैं।
गिरोह के ठगी के सेंटरों पर भी टीमें भेजकर जांच कराई जा रही है। हनुमंत विहार गल्लामंडी स्थित मंगलम मैरिज लॉन में करीब 250 युवक प्रशिक्षण ले रहे थे, जिनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस गिरोह की करतूतों का खुलासा होने से उन हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है जो नौकरी के सुनहरे भविष्य के सपने देख रहे थे।
