यूपी के स्कूलों में 111 दिन बाद भी बच्चों को नहीं मिलीं सरकारी किताबें, शिक्षा पर संकट
उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में सरकारी किताबें न मिलने से हजारों बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए 111 दिन बीत चुके हैं, फिर भी कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के बस्ते खाली हैं। इन विद्यालयों को किताबें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है।
किताबों की अनुपलब्धता का प्रभाव
किताबें न मिलने से बच्चे फोटोकॉपी, पुराने नोट्स और ब्लैकबोर्ड के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गरीब परिवारों के बच्चे बिना किताब के ही कक्षाओं में बैठ रहे हैं, जिससे उनके पाठ्यक्रम को पूरा करने में बाधा आ रही है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने बताया कि कार्य पुस्तिकाएं न मिलने से बच्चे अभ्यास भी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे पढ़ाई का स्तर गिर रहा है।
अधिकारियों की कार्रवाई
प्रधानाध्यापकों की शिकायत पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने प्रधानाचार्यों से नामांकित बच्चों के सापेक्ष प्राप्त और अप्राप्त किताबों का ब्योरा मांगा है। कई स्कूलों में आधी-अधूरी किताबें ही मिल पाई हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से सत्र के आरंभ में ही किताबें मुहैया कराने की मांग की गई है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
