सरप्लस शिक्षकों का ब्यौरा तलब, बेसिक शिक्षा विभाग ने मांगा 24 घंटे में रिपोर्ट
न्यायालय के सख्त रुख को देखते हुए उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से 24 घंटे के भीतर सरप्लस शिक्षकों और ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी है जहाँ एक या कोई भी शिक्षक नहीं है। यह कदम शिक्षकों के समायोजन और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों, शून्य शिक्षक वाले स्कूलों और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों का जिलेवार विवरण चार निर्धारित प्रारूपों में तैयार करें। यह रिपोर्ट 4 जुलाई तक ईमेल के माध्यम से विभाग को भेजनी होगी।
इस रिपोर्ट का उद्देश्य न्यायालय में तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है। प्राथमिक विद्यालयों के सरप्लस शिक्षकों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विषयवार सरप्लस शिक्षकों, और शून्य व एकल शिक्षक वाले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का अलग-अलग विवरण तैयार किया जाएगा। प्रत्येक प्रारूप में विद्यालय का नाम, छात्र संख्या, स्वीकृत व कार्यरत शिक्षक, और आरटीई के अनुसार आवश्यक शिक्षकों का पूरा ब्योरा शामिल होगा। इस प्रक्रिया से शिक्षकों के उचित वितरण और शिक्षा प्रणाली में सुधार की उम्मीद है।
