सड़क सुरक्षा के लिए 35 याचिकाएं: केसी जैन ने उठाया कैशलेस ट्रीटमेंट और हिट एंड रन का मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किया गया है, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने इस संबंध में 35 याचिकाएं दायर कर कई गंभीर मुद्दों को उठाया है। इन याचिकाओं में सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा, यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली, और ‘हिट एंड रन’ (टकराकर भाग जाना) की घटनाओं में पीड़ितों को त्वरित मुआवजा प्रदान करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
केसी जैन ने वर्ष 2024 में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 215-ख के तहत याचिका दायर कर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन की मांग की थी। उन्होंने कहा कि बोर्ड का गठन उनके लिए संतोषजनक है, लेकिन यह केवल कागजी नहीं रहना चाहिए। हर दिन की देरी सीधे तौर पर इंसानी जिंदगियों से जुड़ी है, क्योंकि भारत हर साल सड़क हादसों में डेढ़ लाख से अधिक नागरिकों को खो देता है। बोर्ड को तुरंत और प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए।
यह मुद्दा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक के जीवन के अधिकार से भी जुड़ा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र और राज्य सरकारें बोर्ड के निर्देशों को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती हैं। सड़क सुरक्षा केवल सरकार या अदालतों का विषय नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के जीवन से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
