वैनिशिंग बोन डिजीज: हड्डियों को गलाकर गायब कर देती है यह दुर्लभ बीमारी, जानें लक्षण
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की एक स्टडी में वैनिशिंग बोन डिजीज नामक एक दुर्लभ बीमारी की पुष्टि हुई है, जो हड्डियों को धीरे-धीरे गलाकर कमजोर कर देती है। इस बीमारी में हड्डी का सामान्य ऊतक खत्म होने लगता है और उसकी जगह असामान्य रक्त या लसीका (लिम्फेटिक) ऊतक बढ़ने लगते हैं। इससे हड्डी पतली पड़ जाती है और कई बार पूरी तरह गायब भी हो सकती है। यह स्थिति मामूली चोट में फ्रैक्चर होने और लगातार बढ़ते दर्द का कारण बनती है।
दुर्लभ बीमारी के लक्षण और प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, वैनिशिंग बोन डिजीज की सटीक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन हड्डियों के भीतर असामान्य लिम्फेटिक और रक्त वाहिकाओं की बढ़ोतरी को इसका मुख्य कारण माना जाता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे हड्डी को नष्ट करती है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ आर्थो सर्जन डॉ. फहीम अंसारी बताते हैं कि सालभर में ऐसे पांच मरीज सामने आए हैं, जिनकी उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच रही है। अगर किसी को लंबे समय तक हड्डी में दर्द, सूजन या मामूली चोट में फ्रैक्चर हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उपचार संभव है, अन्यथा हड्डी को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
प्रभावित हड्डियां और निदान
यह बीमारी जबड़ा, कंधा, पसलियां, रीढ़ और हाथ-पैर की लंबी हड्डियों को प्रभावित कर सकती है। एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई के जरिए प्रभावित हड्डी में हो रहे बदलावों का पता लगाया जाता है। कई मामलों में बायोप्सी कर अन्य बीमारियों को खारिज करने के बाद ही वैनिशिंग बोन डिजीज की पुष्टि होती है। एक 28 वर्षीय युवक में जबड़े की हड्डी का हिस्सा तेजी से खत्म होता पाया गया, जबकि 35 वर्षीय व्यक्ति के कंधे में सामान्य गिरावट के बाद फ्रैक्चर हो गया, जो हड्डी के कमजोर होने का संकेत था। इस बीमारी का समय पर निदान और उपचार सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है ताकि गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।
