ओपी राजभर को बलिया के सपा सांसद सनातन पांडेय की सीधी चुनौती, ‘इस्तीफा देकर दोबारा विधायक बनकर दिखाएं’
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का दौर जारी है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय ने सीधी चुनौती दी है। पांडेय ने राजभर के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने सपा में टूट की भविष्यवाणी करते हुए ‘बागी बलिया’ का जिक्र किया था।
मंत्री पद से इस्तीफे की मांग
सनाटन पांडेय ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर सपा के वोटों से चुनाव जीतकर विधायक और अब मंत्री बने हैं। यदि उन्हें अपनी ताकत पर इतना ही भरोसा है तो उन्हें तत्काल अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और फिर से विधायक बनकर अपनी असल ताकत साबित करनी चाहिए। पांडेय ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में भी राजभर को उनकी विधानसभा सीट पर सपा ने 14000 से अधिक वोटों से हराया था, जो उनकी असल स्थिति को दर्शाता है।
राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया
दरअसल, ओमप्रकाश राजभर ने हाल ही में एक पोस्ट में सपा में टूट की भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ का एक लाल सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व करेगा। उन्होंने इशारों-इशारों में बलिया को बागी भूमि बताते हुए सपा सांसद सनातन पांडेय पर निशाना साधा था। राजभर ने कहा था कि सपा कार्यालय में ब्राह्मणों का तिरस्कार होने से बागी बलिया का लाल आहत है और अब सपा में टूट को कोई नहीं रोक सकता।
सनातन पांडेय का पलटवार
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि बागी बलिया के लोग अपनी मातृभूमि के लिए कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटते। लोकतंत्र को बचाने और सांप्रदायिक शक्तियों से लड़ने के लिए वे अपनी जान भी कुर्बान कर सकते हैं। पांडेय ने राजभर को सलाह दी कि वे समाजवादी पार्टी की चिंता छोड़कर पहले अपने गिरेबान में झांकें। उन्होंने याद दिलाया कि राजभर ने सपा की ताकत और वोटों के बूते ही विधायक और मंत्री पद हासिल किया है।
गठबंधन का इतिहास
यह भी गौरतलब है कि ओपी राजभर की पार्टी सुभासपा ने पिछला विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ा था। बाद में सुभासपा गठबंधन से अलग हो गई और लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए में शामिल हो गई थी। हालांकि, लोकसभा चुनाव में भाजपा को सुभासपा के साथ का कोई खास फायदा नहीं मिला। ओपी राजभर की अपनी विधानसभा सीट, गाजीपुर की जहूराबाद में भी सपा को भारी बढ़त मिली थी। इस घटनाक्रम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
