राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT को कर्मचारियों, परिजनों से माकूल जवाब नहीं, जांच जारी
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा और दान की कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच जारी है। दान की गिनती में शामिल चार कर्मचारी और उनके परिजन एसआईटी के सामने पेश हुए, लेकिन वे जांच दल के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसआईटी ने इन कर्मचारियों और उनके निकटतम रिश्तेदारों की मौजूदा और पूर्व की संपत्ति का मिलान करने के लिए विस्तृत जानकारी मांगी है।
एसआईटी ने राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित ग्रीन हाउस को अपना कैंप कार्यालय बनाया है। जांच में सहायता के लिए करीब डेढ़ दर्जन तकनीकी कर्मचारियों के साथ-साथ एडीएम, मंदिर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी भी लगाए गए हैं। इस जांच पर ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों की भी नजर है, जिन पर चढ़ावा चोरी के आरोप लगे हैं। महासचिव चंपत राय के करीबी टुन्नु यादव ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर संपत्ति के आरोपों को मंदिर निर्माण से पहले का बताया था।
इस बीच, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी उंगली उठ रही है। बृजभूषण सिंह ने नृपेंद्र मिश्रा को निर्दोष बताते हुए कहा कि इस मामले में सच्चाई है और सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए इस मुद्दे की विवेचना की आवश्यकता पर भी बल दिया।
