बिजली महंगी करने पर मंत्री एके शर्मा UPPCL चेयरमैन पर बरसे, लिया एक्शन
उत्तर प्रदेश में बिजली के बिलों में 10 प्रतिशत अधिभार (Fuel & Power Purchase Adjustment Surcharge – FPPAS) लगाने के फैसले को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन आशीष गोयल पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंत्री ने चेयरमैन को लिखे एक पत्र में सवाल उठाया है कि जून 2026 तक लागू होने वाले इस अधिभार को बिना उनकी जानकारी और अनुमति के कैसे मंजूरी दे दी गई। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा है और सरकार की छवि नकारात्मक रूप से प्रभावित हुई है। मंत्री ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में उन्हें मीडिया से जानकारी मिली, जो कि अनुचित है।
मंत्री एके शर्मा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उनके बार-बार मना करने के बावजूद कुशल कर्मचारियों की छंटनी जारी है। सहारनपुर के बेहट डिवीजन में 15 वर्षों से कार्यरत लाइनमैन सुंदर सैनी को हटाकर नए लाइनमैन की नियुक्ति का उदाहरण देते हुए उन्होंने जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने चेताया कि हजारों कुशल कर्मियों को इस तरह से निकालना व्यवस्था के लिए तकनीकी, प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से समस्या खड़ी कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के चुनौतीपूर्ण समय में अच्छा काम करने वाले विद्युत कर्मियों के विपरीत, कुछ ने जानबूझकर या लापरवाही से काम करके सरकार को बदनाम किया है, ऐसे कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, मंत्री ने चेयरमैन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। मई में आए आंधी-तूफान से विद्युत अवसंरचना को हुए नुकसान के बाद मरम्मत कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में चेयरमैन की अनुपस्थिति पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में चेयरमैन का मुख्यालय से बाहर रहना जनहित के विपरीत और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। उन्होंने भविष्य में मुख्यालय छोड़ने से पहले उन्हें सूचित करने का निर्देश दिया है।
