आगरा में आलू का बुरा हाल: भाव नहीं, कोल्ड स्टोरेज में 95% माल अटका, किसान परेशान
आगरा में आलू किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं। इस साल आलू को न तो भाव मिल रहा है और न ही कोल्ड स्टोरेज से निकासी हो पा रही है। लगभग 85 हजार हेक्टेयर में बोई गई फसल की पैदावार अच्छी होने के बावजूद किसान मायूस हैं। कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने भी किसानों की मदद से हाथ खींच लिए हैं, क्योंकि उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है।
परिणामस्वरूप, अब तक कोल्ड स्टोरेज से मात्र पांच प्रतिशत आलू की निकासी हो सकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 15 प्रतिशत निकासी हो चुकी थी। खोदाई के समय व्यापारी खेतों तक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों को औने-पौने दाम पर भी आलू बेचने में दिक्कत आ रही है। कई किसानों का कहना है कि यह साल आलू की बेकद्री का साल है और वे कर्ज में डूब सकते हैं।
कमिश्नरी में हुए क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में उद्यान मंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया था कि उत्तर प्रदेश के आलू को ओडिशा सरकार खरीदेगी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिले में 332 कोल्ड स्टोरेज में 27.55 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है, जिसमें से अधिकांश अभी भी अटका हुआ है। किसानों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है और उन्हें सरकारी मदद की उम्मीद है।
